ब्यूरो संवाददाता इटावा : कचहरी परिसर स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना बरगद(वट) का ऐतिहासिक पेड़ मूसलाधार बारिश के चलते धराशायी हो गया। आपको बता दें कि, आजादी से भी पूर्व से न जाने कितने धरने व आंदोलनों का साक्षी रहा है यह ऐतिहासिक बरगद का वृक्ष जो आज लोगो के दिलों में अपनी मीठी यादें छोड़ गया है। न जाने कितने लोगों को भीषण गर्मी में ठंडी छांव देता रहा यह पुराना पेड़ लोगो के गर्मी में बैठने व अधिकारियों का इंतज़ार करने में उनका पूरा साथ देता रहता था। अब कचहरी में आने वाले लोगो की पुनः माँग है कि, इस स्थान पर एक दूसरा बरगद ही लगाया जाये जिससे दूर दराज से आने वाली महिलाएं बच्चे व बूढ़े भीषण गर्मी में पेड़ की छांव में इस जगह बैठ कर अपनी तारीख का इंतजार कर सकें। असल मे बारिश से गिरा यह ऐतिहासिक दरख़्त एक ऐतिहासिक धरना स्थल के तौर पर भी मशहूर रहा है जनपद के न जाने कितने लोग अपनी समस्यओं को लेकर लोग इसी पेड़ के नीचे धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को इसी पेड़ की गवाही के साथ शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास करते रहे है। कभी कचहरी में आने वाले फरियादी लोग इधर उधर भटकने की...
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