ब्यूरो संवाददाता इटावा: आधुनिक परिप्रेक्ष्य में श्री मद्भगवद्गीता ज्ञान की सार्थकता कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य न केवल जनपद में बल्कि सम्पूर्ण भारत के तरुण मन में मानवीय मूल्यों का संचार करना है। इन मानवीय मूल्यों का संकलित ग्रंथ गीता है। जिसमें अच्छे कार्य का अनुशरण करने की शिक्षा दी गयी है। जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का हल इस ग्रंथ में है यथा काम, क्रोध, मोह, लोभ तथा अन्य प्रत्येक प्रकार की चिंताओं का भी हल दिया गया है। इस कार्यशाला में पाँच मुख्य बातें बताई गयी हैं जो प्रत्येक के जीवन में आवश्यक हैं क्रोध पर नियंत्रण, आत्ममंथन, कर्म के अनुसार फल यानी परिणाम की चिंता न कर कर्म पर पर ध्यान, लक्ष्य की तरफ एकाग्रता आदि प्रमुख हैं। इस ग्रंथ में बताया गया है कि आनन्द मनुष्य के अन्दर ही निवास करता है बस आवश्यकता है उसके अनुभव करने की। गीता हमें तनाव रहित जीवन जीने की कला सिखाती है जीवन मुत्यु के चक्र का स्पष्टीकरण देती है। ईश्वर के प्रति अपने तरीके से निष्ठा रखने का मन्त्र देती है। ऐसी भावना से इस कार्यशाला में सभी छात्र-छात्राओं , अध्यापक तथा अन्य...
Janvad Times Etawah (जनवाद टाइम्स इटावा): Latest, Breaking, Current & Live News की हर खबर से जुड़े रहने के लिए पढ़ते रहें