ब्यूरो संवाददाता इटावा : भारत विकास परिषद् इटावा तुलसी शाखा द्वारा भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम का आयोजन पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी शाखा के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चन्द्र यादव ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना के साथ हुआ— > “बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा। > सुरुचि सुबास सरस अनुरागा॥ > अमिअ मूरिमय चूरन चारू। > समन सकल भव रुज परिवारू॥” कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केवलानंद विद्यालय, भरथना के प्रधानाचार्य रोहन सिंह ने विद्यार्थियों को गुरु के महत्व के बारे में संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी का पहला गुण गुरु के प्रति आदर का भाव होना चाहिए और दूसरा गुण विनम्रता है। उन्होंने कहा कि विनम्रता के बिना शिष्य गुरु से ज्ञान अर्जित नहीं कर सकता। तुलसी शाखा के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चन्द्र यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति से जुड़ी गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिषद द्वारा प्रतिवर्ष ‘गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम आयोजित...
Etawah News: इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन का भव्य आयोजन संपन्न, एव परिचय पत्र वितरित ।
संवाददाता आशीष कुमार इटावा :इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा नए पदाधिकारियों के लिए परिचय पत्र वितरण,नियुक्ति पत्र वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में पत्रकार, पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह आयोजन पत्रकार हितों, एकजुटता और संगठन की मजबूती को समर्पित रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चित्रकूट धाम से पधारे महामंडलेश्वर राजेंद्र दास जी महाराज, विट्ठल आश्रम इटावा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज, तथा राष्ट्रीय जय मां काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल गुरु जी महाराज व विशिष्ट अतिथि के रूप में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। चित्रकूट धाम से पधारे महामंडलेश्वर राजेंद्र दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “पत्रकार समाज का दर्पण होता है। सत्य और धर्म के मार्ग पर चलकर पत्रकार समाज को सही दिशा देने का कार्य करता है।” उन्होंने पत्रकारों से अपेक्षा जताई कि वे सत्य, संस्कार और समाजहि...