संवाददाता: मनोज कुमार इटावा/जसवंतनगर : ईद उल अजहा की नमाज यहाँ के ईदगाह पर गुरुवार को नगर व ग्रामीण इलाको से आये हजारों नमाजियों ने पूरे अहतराम और अकीदत से अदा की और इस मुबारक मौके को देने के लिए तमाम मोमिनो और नमाजियों ने परवर दिगार का शुक्र अदा किया अपने व मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी। बकरीद के दिन पशु की कुर्बानी करने का काफी खास महत्व है. कुर्बानी के बाद पशु के गोश्त को तीन हिस्सों में बांट दिया जाता है। इन तीन हिस्सों में एक हिस्सा गरीबों के लिए भी रखा जाता है। बकरीद पर कुर्बानी का काफी खास महत्व है। कुर्बानी के बाद जो गोश्त निकलता है, उसे तीन हिस्सों में बांट दिया जाता है। इनमें एक हिस्सा खुद के लिए, एक रिश्तेदारों के लिए और एक गरीबों के लिए होता है. इन हिस्सों को सही से बांटने के बाद ही कुर्बानी का गोश्त जायज माना जाता है. नमाज ईदगाह के इमाम हाफिज मोहम्मद आसिफ चिश्ती ने अदा करायी । इसके बाद एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकवाद देने का सिलसिला शुरू हुआ। इस बार खास बात यह देखने को मिली कि राजनैतिक बड़े नेताओं की जमात ईदगाह से नदारद थी। दरअसल हाल फिलहाल कोई भी चु...
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