संवाददाता : दिलीप कुमार इटावा: जिले के पचनद पर बनने वाले डैम को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने काम तेज कर दिया है। पहले चरण में आईआईटी रुड़की ने निजी कंपनी के जरिए चंबल नदी का एक बड़े ड्रोन से सर्वे कराया है। डैम बनने के बाद आसपास के ग्रामीणों को होने वाले नुकसान का आकलन करने और फिर उस आधार पर मुआवजा देने के लिए ही पिछले एक महीने से सर्वे कराया जा रहा है। अभी तक 120 किलोमीटर का सर्वे किया जा चुका है। 40 किलोमीटर का सर्वे होना और बाकी है जिसके बाद सरकार को सर्वे की रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। सर्वे का काम देख रहे ड्रोन पायलट और मेंटीनेंस इंजीनियर सत्यनाम यादव ने बताया कि टेलोन ड्रोन से सर्वे कराया जा रहा है। इसका मुख्य काम चंबल और यमुना नदी के चिह्नित की गई जगह का फोटो कैप्चर करना है। चिह्नित जगह पर नदी की गहराई मापी जाती है। साथ ही उस जगह पर मिट्टी का कितना कटान हो सकता है यह सारे पॉइंट थ्रीडी मैप के जरिए रिकॉर्ड किए जाते हैं। अगले चार-पांच दिनों में सर्वे की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। सर्वे के काम को 21 मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डैम बनने से इटावा, औरैया, जालौ...
Janvad Times Etawah (जनवाद टाइम्स इटावा): Latest, Breaking, Current & Live News की हर खबर से जुड़े रहने के लिए पढ़ते रहें