ब्यूरो संवाददाता इटावा: हम सभी यह जानते है कि पूरे भारत में सिर्फ मच्छर ही मलेरिया और डेंगू जैसी ही अन्य भी गंभीर बीमारीयों को फैलाते है और सिर्फ मात्र गेंबुसिया मछली के सिवा मेढक हो मच्छर के लार्वा को खाते है। एक मेढक एक दिन में लगभग 250 मच्छरों को ढूंढ ढूंढ कर शिकार कर खा जाते है और मनुष्य को डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाते है। पूर्व में इन मच्छर जनित रोगों ने ही लाखों मनुष्यो की जान भी ली है। मेंढकों के प्रकृति में इसी महत्व को देखते हुए यूपीएस यासीनगर के कम्पोजिट विद्यालय में मेढकों को बचाने के लिए आयोजित किये गये एक दिवसीय जनजागृति कार्यक्रम सेव द फ्रॉग्स कार्यक्रम के संयोजक वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डा आशीष त्रिपाठी ने विद्यालय के सभी बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि, हमें हमारे पर्यावरण मित्र मेढकों का संरक्षण अवश्य ही करना चाहिए। विदित हो कि 15 वर्ष पूर्व अमेरिकी पर्यावरणविद डा केरी क्रिगर ने सेव दी फ्रॉग्स इंटरनेशनल की स्थापना की थी और भारत में महर्षि दयानंद सरस्वती अजमेर के पूर्व कुलपति रहे प्रो के के शर्मा को पिछले चार दशकों से किए जा रहे उनके मेढकों के स...
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