ब्यूरो संवाददाता इटावा/सैफई: क्षेत्र के ग्राम नगला हिम्मत में 67 वर्षीय सुरेश चंद्र पीसीएफ में बाबू के पद से रिटायर्ड थे। वह अपने परिवार के साथ लंबे अरसे से वह लखनऊ में रह रहे थे। वह 16 नवंबर को ड्राइवर के साथ अपने पैतृक गांव आए हुए थे। गुरुवार शाम को खाना खाने के बाद कमरे के अंदर सोने के लिए चले गए। शुक्रवार सुबह परिवार के उमेश व सत्यवीर ने चालक समर बहादुर उर्फ रिंकू से कहा कि अब तक बाबूजी नहीं जगे उन्हें जाकर जगा दो। जब ड्राइवर अंदर गया तो देखा कि वह मृत अवस्था में बेड पर पड़े थे। चालक ने शोर मचाया, जिसके बाद परिवारीजन अंदर पहुंचे। मृतक के पुत्र शैलेंद्र प्रताप ने बताया कि हम परिवारीजनों के साथ लखनऊ में कई वर्षों से रह रहे हैं, जहां पर बिजनेस कर अपना परिवार चलाते हैं। 16 नवंबर को पिता चालक के साथ घर पर आए हुए थे। शुक्रवार सुबह हमें जानकारी मिली, तब हम सब यहां आए। पिता के हाथ से तीन सोने की अंगूठी, एक हीरे की अंगूठी और एक जंजीर उनके पास से नहीं मिली। घटना की जानकारी पर पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंची। घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। परिजनों से पूछताछ के बाद श...
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