Etawah News: माता के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालु की भीड़, श्रद्धालुओं के साथ डकैत भी टेकते थे इस मंदिर पर माथा
ब्यूरो संवाददाता इटावा: यमुना चंबल नदी के किनारे स्थित बीहड़ के जंगल में 500 वर्ष प्राचीन मां काली देवी का सिद्ध पीठ स्थान है जिसे जनपद के साथ प्रदेश भर में माँ काली वाह के नाम से जाना जाता हैं। लाखों श्रद्धालु नवरात्र में दर्शनों के लिए यूपी-एमपी के कई जिलों से आते हैं। धार्मिक जानकार बताते हैं कि जब शंकर जी ने मां सती को कंधे पर रखकर नृत्य किया था। उस समय मां सती की बांह इसी स्थान पर गिरी थी। यहां मां सती का सिद्ध मंदिर है। जो भी व्यक्ति आता है। सभी की मनोकामना पूर्ण होती है। इस मंदिर का चमत्कारी प्रभाव इतना अधिक है कि नेता हो, अभिनेता या फिर डकैत सभी की आस्था इस मंदिर से जुड़ी रही है। ऐसा मानना है कि महाभारत कालीन द्रोणाचार्य के पुत्र जिन को अमरत्व का वरदान प्राप्त है। अश्वत्थांमा पूर्व में यमुना नदी में स्नान करने के बाद इस बीहड़ वाली मैया की पूजा करने आते थे। इस मंदिर का परचम इतना अधिक फैल चुका है। नवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु दर्शन मात्र से धन्य हो जाता है। नव संवत्सर का आरंभ इस सिद्ध पीठ मंदिर में देवी मां के सभी नौ स्वरूपों के साथ काल भैरव और हनुमान जी विराजमान हैं। दक्षिण ...