Skip to main content

Etawah News: जसवंतनगर की एतिहासिक मैदानी रामलीला का आयोजन 23 सितम्बर से

ब्यूरो संवाददाता

इटावा/जसवंतनगर: अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जसवंत नगर की मैदानी रामलीला इस बार जोरदार ढंग से किए जाने की तैयारियां शुरू हो गई है। श्री रामलीला समिति की ओर से रामलीला महोत्सव के कार्यक्रम घोषित कर दिए गए हैं। इस बार सड़कों पर राम रावण दलों के बीच दर्शाया जाने वाला घमासान युद्ध 3 दिन तक चलेगा।

रामलीला समिति के मंत्री हीरालाल गुप्ता तथा संयोजक अजेद्र सिंह गौर ने पत्रकारों को बताया कि 23 सितंबर को श्री गणेश सेवा समिति की ओर से श्री गणेश शोभायात्रा निकाले जाने के बाद 24 सितंबर से रामलीला समिति के कार्यक्रम धनुष भंग के साथ शुरू होंगे। 25 सितंबर को राम बारात निकलेगी। 6 अक्टूबर दशहरा को अहिरावण वध एवं रावण वध होगा। 10 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम, 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक लगातार 5 दिन तक देर शाम रासलीला चलेगी।

अजेंद्र गौर ने बताया कि यहां दशहरे पर रावण दहन नहीं किया जाता है। इसके पीछे की भी खास वजह है। यहां पर विशालकाय रावण को क्षतिग्रस्त किया जाता है और जिसके बाद रामलीला में आए लोग रावण के टुकड़े अपने-अपने घर ले जाते हैं। सभी की अलग अलग मान्यताएं हैं कि जादू-टोना से बचना, घर मे किसी प्रकार का दोष समस्या का निदान, जैसी मान्यताओं को लेकर रावण की लकड़ियां ले जाई जाती हैं।

Comments

Popular posts from this blog

Etawah News : शिवपाल सिंह पीजी कॉलेज में हुआ रंगोली बनाओ द्वीप सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन

ब्यूरो संवाददाता  इटावा/जसवन्तनगर : शिवपाल सिंह पी जी कॉलेज कैस्त जसवन्तनगर इटावा में धनतेरस के शुभ अवसर पर रंगोली बनाओ द्वीप सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कला कौशल और भारतीय परंपराओं के प्रति रुचि को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता का प्रारंभ कॉलेज के प्रबंधक श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ सोनू यादव जी ने द्वीप प्रज्वलन और मां लक्ष्मी की वंदना के साथ कराया। छात्राओं ने रंग-बिरंगे फूलों, रंगों और दीयों का उपयोग कर सुंदर और आकर्षक रंगोलियां बनाईं।    कॉलेज के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्णायक मंडल ने रचनात्मकता, सौंदर्य और विषय की प्रस्तुति के आधार पर विजेताओं का चयन किया। सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री संजय कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में कला और संस्कृति के प्रति प्रेम को प्रोत्साहित करते हैं और उनकी प्रतिभा को निखारते हैं। इस कार्यक्रम का संच...

Etawah News : शिवपाल सिंह पीजी कॉलेज में गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती मनाई गई।

ब्यूरो संवाददाता  इटावा/जसवन्तनगर : नगर के शिवपाल सिंह पीजी कॉलेज में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आदरणीय मान्यनीय बाबा जी श्रीमान रघुवीर सिंह यादव जी ने ध्वजारोहण कर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर माल्यार्पण किया।  अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी ने हमें सिखाया कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। उनके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनका अनुसरण करना चाहिए।” उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगी और ईमानदारी के जीवन पर भी प्रकाश डाला और कहा, “शास्त्री जी ने देश की सेवा करते हुए अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।” कॉलेज के प्राचार्य श्री संजय कुमार जी ने संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी देश के भविष्य हैं और गांधीजी तथा शास्त्रीजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर एक सशक्त और नैतिक समाज का निर्माण कर सकते हैं। स्वच्छता केवल हमार...

Etawah News : श्रीराम ने किया रावण का वध

संवाददाता : रिषीपाल सिंह  बसरेहर / इटावा : कस्बे में चल रही रामलीला में गुरुवार को रावण वध लीला का मंचन हुआ। इस दौरान रावण का पुतला दहन किया गया। रामलीला की शुरुआत कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने राम-लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे कलाकारों को तिलक लगाकर एवं उनकी आरती उतारकर की। रामलीला में कलाकारों ने युद्ध लीला का मंचन किया। भगवान श्रीराम और रावण की सेना के बीच घमासान युद्ध होता है। रावण की सेना में शामिल योद्धा एक के बाद एक हारते जाते हैं। प्रमुख योद्धाओं के वीरगति को प्राप्त होने के बाद रावण खुद श्रीराम से युद्ध के लिए आ जाता है। राम और रावण के बीच घमासान युद्ध होता है। राम के हर बाण से रावण बच जाता है। रावण का अंत न होने पर श्रीराम संशय में पड़ जाते हैं।  इसके बाद विभीषण भगवान श्रीराम को रावण की मृत्यु का रहस्य बताता है। विभीषण के बताते ही श्रीराम रावण की नाभि पर बाण छोड़ने लगते हैं। नाभि का अमृत सूखते ही रावण का वध हो जाता है। रावण वध होते ही रावण के पुतला का दहन आतिशबाजी के साथ किया जाता है।