JS विश्विद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता हुई रद्द, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने प्रेसवार्ता कर दी जानकरी
ब्यूरो संवाददाता
यूपी के फिरोजाबाद में जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता अब रद्द हो चुकी है, अब यहां पढने वाले छात्रों का क्या होगा ये जानकर छात्र परेशान है. आपको बतादें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट मीटिंग हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए. इस बैठक में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 14 प्रस्ताव आए थे, जिनमें से 13 पास कर दिए गए. वैसे तो कैबिनट मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए गए लेकिन इनमें एक फैसला प्रमुख था जो शिकोहाबाद के जेएस यूनिवसिर्टी की मान्यता समाप्त करने से जुड़ा हुआ था ।
अब आपको बताते हैं कि जेएस यूनिवसिर्टी को क्यों बंद किया जा रहा है?
दरसल उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, जांच में बेहद गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं,यूनिवर्सिटी ने नियमों को ताक पर रखकर बीपीएड कोर्स की फर्जी और बैक डेट में मार्कशीट और डिग्रियां बांटीं थी इन फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2022 में किया गया था. इस मामले में राजस्थान पुलिस की जांच के बाद यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डा. सुकेश यादव और कुलसचिव नंदन मिश्रा को गिरफ्तार भी किया गया था जिस समय जेएस यूनिवसिर्टी की स्थापना हुई उस समय यूनिवर्सिटी ने न तो जमीन के मानकों का पालन किया और ना ही उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को जरूरी विवरण दिया इसलिए इसे एक संगठित अपराध माना गया ।
अब सबाल ये उठता है कि आगे क्या होगा?
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि यूनिवर्सिटी बंद होने के बाद इसके सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के पास जमा कर दिए जाएंगे. पुराने छात्रों की मार्कशीट और डिग्रियों का वेरिफिकेशन अब आगरा यूनिवर्सिटी के पास रखे गए उन्हीं रिकॉर्ड्स के आधार पर होगा. जब तक यूनिवर्सिटी बंद करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक यूनिवर्सिटी के कामकाज को संभालने के लिए सरकार ने तीन सदस्यों की एक कमेटी बना दी है. जो इसकी देखरेख करेगी ।

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