ब्यूरो संवाददाता
इटावा: मंगलवार को जनपद के सदर रामलीला मैदान के निकट जगद्गगुरु
श्री रामभद्राचार्य जी के मुखार बिन्दु से श्री राम कथा का हुआ शुभारम्भ। जगद्गगुरु श्री
रामभद्राचार्य जी ने राम कथा के आयोजन में कहा कि रामचरित्र मानस भारतीय धर्म व संस्कृति का प्रतिबिम्ब
है।
जगद्गगुरु श्री रामभद्राचार्य जी ने बताया कि रामचरित मानस केवल एक
ग्रंथ नही बल्कि आर्यावृत्त की धर्म व संस्कृति को प्रकट करने वाला विशिष्ट पुराण
है। जगद्गगुरु
श्री रामभद्राचार्य जी ने कहा कि रामचरित
मानस की रचना कर महर्षि तुलसीदासजी ने भारतवासियो पर अंनत उपकार किया है। यह ग्रंथ
शिव व हरी विष्णु की महिमा को एकाकार करने की प्रेरणा देता है। रामचरित मानस में
शिव व पार्वती की कथा एवं उसके बाद प्रभु श्रीराम की कथा दोनो ग्रंथ में समाहित
है।


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