ब्यूरो संवाददाता
इटावा: इटावा आवास विकास परिषद गेट पर आधा सैंकड़ा किसान, मजदूर अपनी मांगों को लेकर हिन्द किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले
अनिश्चिकालीन धरने पर बैठ गये है। सूत मिल में ली गई भूमि का अब तक मुआवजा नही
मिला जिस कारण पीड़ित धरने पर बैठ गये है। उनकी मांग है सूत मिल सहित आवास विकास
परिषद का कब्जा हटाया जाये। यहां हाल ही में निर्मित इटावा कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड
को भी हटाया जाये।
बताते चले इस भूमि के कब्जे, मुआवजे को लेकर भू स्वामी काफी लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे है। लेकिन अधिकारी, विभाग एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी का पल्ला झाड़कर न तो भू स्वामियों को मुआवजा दे रहे है। न ही उनकी भूमि दे रहे है। सूत मिल अधिकारी भूमि बेचने से इनकार कर रहे है। लेकिन आवास विकास परिषद भूमि को 100 करोड़ में खरीदने का दावा कर रही है और भुगतान के तौर पर सूत मिल विभाग को रकम देने की बात किसानों से कह रही है। दरसअल करीब 40 कायस्तकारो की लगभग 200 बीघा भूमि सूत मिल निर्माण में 1959 पर ली गई थी। जिसमें यह अनुबंध हुआ था जब तक यह मिल संचालित है तब तक इन किसानों की भूमि सूत मिल की रहेगी लेकिन जब मिल बन्द होगी तो या तो इनकी भूमि किसानों को वापस दी जाएगी। या फिर इसका इन किसानों को मुआवजा दिया जायेगा। लेकिन 1998 में यह मिल बन्द होगयी। और किसानों की भूमि का मुआवजा देने का विभाग ने वादा किया। लेकिन भूमि का मुआवजा इतना कम था जिसको लेने से किसानों ने इनकार कर दिया।
जिसके बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा जिसमें सभी भू
स्वामियों को निर्धारित मुआवजा देने के आदेश दिए गये जिसके बाद से अब तक उस भूमि
पर आवास विकास के आवास, कॉपरेटिव बैंक का निर्माण हो
चुका है। लेकिन किसानों को उनका हक अब तक नही दिया गया। जिसको लेकर किसान
अनिश्चिकालीन धरने पर बैठ गये है। रामकृष्ण यादव बताते है कि आवास विकास तहत जो
कब्जा लिया गया है जोकि अवैध है। जब इनका कोई स्वामित्व ही नही है तो इसको कैसे
क्रय विक्रय किया जा सकता है। आवास विकास परिषद के अधिकारी कोई भी जवाब नही देता।
हाईकोर्ट ने आवास विकास का अधिकरण निरस्त कर दिया गया। उसके बावजूद हमारी भूमि पर
से अवैध कब्जा हटाया जाये। हम अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से
लेकर आवास विकास के मंत्री तक से मिले लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही। अब हम किसानो
की सुनवाई नही हुई तो हमारी इसी जगह समाधि बनेगी। मर कर ही हटेंगे यहां से।
Comments
Post a Comment