ब्यूरो संवाददाता
इटावा: सामाजिक संस्था स्मिता पाटिल मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी ने प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री स्मिता पाटिल की जयंती पर उनको देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न को देने की मांग राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से की है। इस मौके पर विभिन्न जगहों पर बच्चों को केक और खाद्य सामग्री भी वितरित की गई। संस्था के सचिव रौली यादव ने राष्ट्रपति भवन व प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कहा है कि 70 के दशक की प्रसिद्ध फिल्म अभनेत्री स्मिता पाटिल को कौन नहीं जानता है? उन्होंने काफी कम समय में अपने अभिनय से सबके दिलों में जगह बना ली थी। उनका अभिनय इतना स्वभाविक होता था कि देखकर लगता ही नहीं था कि पर्दे पर वो अभिनय कर रही हैं। इसलिए अभिनय की कला में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म जगत में स्मिता पाटिल एक सक्रिय नारीवादी होने के आलावा मुंबई के महिला केंद्र की सदस्य भी थीं। वे महिलाओं के मुद्दों पर पूरी तरह से वचनबद्ध थीं। इसके साथ ही उन्होंने उन फिल्मों में काम करने को प्राथमिकता दी, जो परंपरागत भारतीय समाज मे शहरी मध्यवर्ग की महिलाओं की प्रगति तथा सामाजिक परिवर्तन का सामना कर रही थीं।
यह वेदना ही है कि स्मिता पाटिल की याद आते ही वही संवेदना दिलो-दिमाग को घेर लेती है।इस प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री का सिर्फ 31वें बरस में संसार से ऐसे चले जाना, हताश और निराश करता है। वह भारतीय सिनेमा की आइकन अभिनेत्री स्मिता पाटिल थीं। जिन्होंने बॉलीवुड में अपने अभिनय की कला से नए आयाम दिए थे।ऐसी फिल्म अभिनेत्री को उनकी जयंती पर शत-शत नमन यही होगा कि उन्हें अभिनय की कला में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। इस दौरान संस्था की ओर से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि जगहों पर बच्चों को केक और खाध-सामग्री भी वितरित की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से संजीव कुमार, यदुवीर सिंह यादव एडवोकेट, बृजेन्द्र सिंह, रवि शाक्य आदि साथ रहे।

Comments
Post a Comment