ब्यूरो संवाददाता
इटावा: मुख्यमंत्री के आदेशों को ताक पर रख दिया पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने। 15 नवंबर तक प्रदेश की सड़कों को सुधारने के सख्त आदेश जारी किए गए थे। हालंकि भले ही ये मियाद अब 15 दिन के लिये बढ़ा दी गई है लेकिन जितनी सड़कों को काम अधूरा है वो 15 दिन में पूरा होने के आसार कम ही है। जबकि सभी जिलों को बजट भी समय से मुहैया करवा दिया गया था। लेकिन इटावा जिले में अभी भी सैकड़ों गड्ढे सड़कों की दशा बिगाड़े हुए नजर आ रहे हैं।
जिले में कुल 855.41 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना था, जिसके लिए कुल 8.50 करोड़ रुपए की डिमांड लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा शासन से की गई थी। जिसमें से फिलहाल 3.50 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत हुए। धनराशि मिलने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करके गड्ढा मुक्ति का काम भी शुरू हो गया था। जिसकी आज 15 नवम्बर को टाइम लाइन खत्म भी हो गयी है।
जल्दबाजी के कारण सड़कों इटावा-सैफई रोड पर पैच वर्क का काम चलता रहा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जितने बजट की डिमांड की गई है यदि उन्हें मिलता तो वह निर्धारित नवीनीकरण व गड्ढा मुक्ति का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कर लेते। ऐसे में नई सड़कों के निर्माण को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है, जबकि निर्माण खंड एक के अलावा प्रांतीय व निर्माण खण्ड से स्वीकृत हुए काम में बजट की कमी रोड़ा लगा रही है। बीते छह सालों में प्रदेश सरकार के विकास कार्यों में गड्ढा मुक्ति अभियान विशेष प्राथमिकता पर रहा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग द्वारा इसको लेकर पूरी सतर्कता बरती जाती है। हर वर्ष बरसात के बाद गड्ढा मुक्त अभियान की शुरुआत होती है। ऐसे में इस बार भी 25 सितंबर से अभियान की शुरुआत के निर्देश दिए गए थे, हालांकि बाद में इसमें संशोधन करना पड़ा इसकी मुख्य वजह लगातार हो रही बारिश थी।
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