ब्यूरो संवाददाता
इटावा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद को 15 नवंबर तक गड्ढामुक्त के आदेश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि बारिश का मौसम अंतिम चरण में है, ऐसे में सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्ति का काम किया जाना चाहिए। उन्हों ने पीडब्ल्यूडी के साथ ही सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभागों को सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्ति की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीते कुछ सालों में सड़कों अथवा सड़क पटरी के कच्चे होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। बरसात बंद हुए एक महीने का समय बीत चुका है और सड़कों पर गड्डे लोगों की कमर तोड़ रहें है। एक बार फिर से पीडब्ल्यूडी सड़कों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति के लिए तैयार है।
अलग-अलग खंडों से वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए कार्य योजना तैयार करके शासन को भेज दी गई थी। जिले से कुल 204.37 किलोमीटर सड़क नवीनीकरण के लिए 1025.03 लाख रुपए की कार्य योजना तैयार करके शासन स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कार्ययोजना में से केवल टोकन मनी ही दी गई, लिहाजा पूरा साल ऐसे ही बीत गया। विभाग के अधिकारियों कहना है कि बरसात का समय बीत चुका है और चिंता की बात यह भी हैं कि सड़कों की विशेष मरम्मत व गड्ढामुक्ति के लिए इस बार बजट काफ़ी कम मिला है। विभाग का दावा हैं कि 8.5 करोड़ की मांग 855 किलोमीटर सड़क के लिए की गई थी, जिसमें से 5.5 करोड़ रुपये ही मिले हैं। हालांकि इन कार्यों को पूरा होने में तकरीबन तीन महीने से अधिक का समय लगेगा, जबकि गड्ढामुक्ति अभियान को पूरा करने के लिए 16 दिन ही शेष हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एस के गौतम का कहना है कि सड़कों के चौड़ीकरण, नई सड़कों के निर्माण व विशेष मरम्मत व सामान्य मरम्मत के कामों के लिए कार्ययोजना तैयार करके शासन को भेज दी गई है। बारिश व चंबल पुल बंद होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा था। अब कामकाज तेजी से किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 का जो भी बजट मिला है उसी से कामकाज किया जा रहा है।

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