ब्यूरो संवाददाता
इटावा: भारत सरकार मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआ समुदाय के लोगों का जीवन स्तर उठाने का निरंतर प्रयास कर रही है साथ ही पर्यावरण संतुलन बना रहे इसके लिए सरकार रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत नदियों में बड़ी मात्रा में मत्स्य बीज डालकर रिवर रैचिंग कार्यक्रम चला रही है। इटावा यमुना नदी के तट पर आयोजित रिवर रैंचिंग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उपनिदेशक मत्स्य कानपुर मंडल डॉक्टर नुरूल हक ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास है कि मछुआ समुदाय के लोग अपने पैरों पर खड़े होकर रोजगार करें।
कार्यक्रम के प्रभारी मत्स्य विकास अधिकारी हिमांशु यादव ने बताया कि रिवर रैचिंग का आयोजन सदर घाट पुल के नीचे यमुना नदी में आयोजन किया गया। जिसमें एक लाख मत्स्य अंगुलिकाओं (फिंगरलिंग साईज) को यमुना नदी में छोड़ा गया है। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन की आवश्यकता और मछली की मांग भी बढ़ रही है। इस प्रकार एक किफायती और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार तरीके से मत्स्य संसाधनों के सद्उपयोग और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिये यह रिवर रैचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्थायी मत्स्य पालन करने एवं जैव विविधता के संरक्षण परिस्थितिक तंत्र सेवाओं का आकलन करने मत्स्य आवास क्षरण को कम करने में सहायता करता है।
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