ब्यूरो संवाददाता
इटावा: प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका अभिलाषा यादव को अधिवक्ता सुधीर यादव ने 6 गोलियां मारी थीं। खुद अधिवक्ता
ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। शिक्षिका की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
उनके शरीर से दो गोलियां निकाली जा चुकी हैं। डॉक्टर के मुताबिक शरीर में चार
गोलियां अभी भी फंसी हुई हैं, जिसको निकलाने के लिए पूरे शरीर को स्कैन कराया गया है। वहीं मामले की जांच
में जुटी पुलिस स्कूल से लेकर चितभवन के पास तक के सीसीटीवी फुटैज चेक कर चुकी है।
जेके हास्पिटल के डॉकटर मनोज यादव
ने बताया कि मंगलवार रात नौ बजे ऑपरेशन शुरू हुआ था, जो दो बजे रात तक पांच घंटे तक चला। ऑपरेशन
के दौरान तीन यूनिट खून चढ़ाया गया है और पांच यूनिट खून लग सकता है। दो गोलियां
कमर के बीच हड्डियों में जा कर फंसी हुई हैं। प्रधानाध्यापिका की हालत में सुधार
होने पर ऑपरेशन की फंसी हुई हैं। वहीं सुधीर यादव के शव का मंगलवार रात दो बजे ही
पोस्टमार्टम करा दिया गया। अभिलाषा यादव के पिता ने बताया कि गोली लगने के बाद
बेटी ने पत्नी विमलेश को और अपने बेटे सुशील कुमार को फोन कर घटना जानकारी दी थी। जिसके
बाद मौके पर पहुंचे तो पता चला की राहगीरों ने बेटी को जेके हास्पिटल में भर्ती
कराया है।गोली लगने के बाद प्रधानाध्यापिका
किसी तरह चितभवन रोड़ पर पहुंची, जहां से गुजर रहे दो लोगों ने उनको घायल देख कर जेके हास्पिटल में भर्ती
कराया। पुलिस दोनों युवकों की तलाश करने में जुटी हुई है। प्रधानाध्यापिका दोपहर 12 बजे के आस-पास स्कूल से निकली
थीं। चितभवन की तरफ अकेले गई थीं। बसरेहर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया
कि मंगलवार दोपहर दो बजे तक स्कूल से लेकर चितभवन तक के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा
चुके हैं। इस दौरान प्रधानाध्यापिका अकेले जाती हुई दिखाई दी हैं। आगे के कैमरे
चेक किए जा रहे है।
पिता नजर सिंह ने बताया कि सुधीर
यादव से बेटी ने आठ से दस लाख रुपये का बीमा करा रखा था। बेटी के ऊपर सुधीर यादव
ने क्यों हमला किया इसकी जानकारी नहीं है। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया जांच में
कई तथ्य निकल कर सामने आए हैं। जल्दी खुलासा किया जाएगा।
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