ब्यूरो संवाददाता
इटावा: इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी के अध्यक्ष/जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय व प्रदर्शनी जनरल सेक्रेटरी/उप जिला अधिकारी विक्रम सिंह राघव की देखरेख में इस वर्ष प्रदर्शनी की सजावट व पंडाल के कार्यक्रम को एक नया रूप दिया गया है इसी के अंतर्गत आज इटावा महोत्सव प्रदर्शनी के तत्वावधान में कौमी एकता पर आधारित मुकामी (स्थानीय) मुशायरे का आयोजन किया गया।
मुशायरे का उद्घाटन अशोक यादव पूर्व राज्य मंत्री ने दीप जलाकर किया, अध्यक्षता जहीर अहमद अंसारी पूर्व चेयरमैन नगर पालिका परिषद इटावा ने की मुख्य अतिथि फुरकान अहमद पूर्व चेयरमैन नगरपालिका परिषद रहे और विशिष्ट अतिथि सपा नेता बसीम चौधरी रहे कार्यक्रम का सफल संचालन शायर इंतखाब आलम "रौनक" ने किया।कार्यक्रम के संयोजक नदीम अहमद खान एडवोकेट व सह संयोजक साबिर इटावी,आरिफ सिद्दीकी "नूर"रहे।स्थानीय मुशायरे का आगाज सोहेल इटावी ने नाते पाक से किया और आमिर इटावी ने गजल पेश की।
मुख्य अतिथि शायर अशोक यादव ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा कि-
तुम हो खामोश मकबरों की तरह दिल तुम्हारा है पत्थरों की तरह जख्म खा के भी बेजुबान रहे
हम हैं गहरे समंदर की तरह
रौनक इटावी ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा-
रस्सी का जो सांप बनाने वाले हैं पानी में वह आग लगाने वाले हैं मेरे देश के नेता देश के लोगों को सिर्फ सुनहरे ख्वाब दिखाने वाले हैं।
आरिफ सिद्दीकी नूर ने अपना कलाम पेश किया-
तारीख जब लिखी जाएगी वफा दारी की सब समझ जाएंगे किस कौम ने गद्दारी की।
शायर साबिर हुसैन साबिर ने अपना कलाम पढ़ा-
जब से तुम्हारे हुस्न को देखा गुलशन के गलियारों में होश ना हमने छोड़ दिया ताज महल के बारे में।
शायर कादिर राना ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा-
शादी में जेवरात तो नगद मांग रहे हैं यह लड़के वाले हम से मदद मांग रहे हैं।
रियाज कलवारी ने कहा
पहले होते थे खून के रिश्ते,
अब तो रिश्तो में खून होता है
वैभव यादव ने अपना कलाम पेश किया
तमाम लोग तरसते हैं रोशनी के लिए।
मगर नसीब में सबके दिया नहीं होता।।
हर्ष सक्सेना ने कलाम पेश किया
हमने संभाल रखे हैं अपनी तिजोरी में,
उसके दिये वो तोहफ़े नहीं है खज़ाने हैं।
मुकामी (स्थानीय) मुशायरे में शायर समीर अख्तर, शाहरुख इटावी, जमाल इटावी, यासीन अंसारी, जीशान अहमद, तालिब लईक, शरर इटावी,नादान इटावी ने भी अपने बेहतरीन कलाम पेश किया। मुशायरे में पत्रकार शावेज़ नक़वी, वहाज़ अली खान निहाल, समाजसेवी इक़रार अहमद, बन्ने मंसूरी, मोहम्मद इस्लाम, मन्नान राईन, नदीम, माहिर, साज़िद,सीबू तौकीर, शफी, सहित अन्य लोग रहे।

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