संवाददाता: महेश कुमार
इटावा: नव वर्ष के प्रथम दिन कड़ाके की सर्दी और कोहरे के बाद भी शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से रात तक आस्था का सैलाब उमड़ा। लोगों ने भगवान का पूजन अर्चन करने के बाद ही नव वर्ष को हर्षोल्लास से मनाया और एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं। शहर के सिद्धपीठ मां कालीबांह मंदिर पर जहां आकर्षक फूल बंगला सजाया गया था। वहीं, भव्य भंडारा भी आयोजित हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ माता कालीबांह के दरबार में देखने को मिली।
नए साल 2023 में कोरोना का प्रकोप न बढे़ इसी के चलते नव वर्ष के प्रथम दिन सुबह से ही लोग भगवान के दरबार में पूजन-अर्चन को पहुंचने लगे थे। सभी ने मंदिरों में जाकर घर परिवार में जहां सुख-समृद्धि की कामना की। सबसे ज्यादा आस्था का सैलाब सिद्ध शक्तिपीठ माता कालीबांह के दरबार में देखने को मिला।
यहां पर सर्द हवाओं के बीच भक्तों का सुबह से ही हुजूम उमड़ने लगा था जो पूरे दिन चला। माता काली बॉह के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रही लोगों को दर्शन करने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। नववर्ष को लेकर जहां पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था वही माता काली वॉह के दरबार में फूल बंगला भी सजाया गया था।
इसके अलावा संकट मोचन हनुमान, शिव परिवार,राम दरबार का भी आकर्षक श्रंगार किया गया था। मंदिर में भव्य भंडारा भी आयोजित हुआ था इसके अलावा कई भक्तों के द्वारा अलग अलग तरह का प्रसाद वितरित किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर व आसपास का क्षेत्र माता के जयघोष गुंजायमान होता रहा। लोगों ने भगवान के दर्शन के बाद ही नव वर्ष की शुरुआत की।
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