ब्यूरो संवाददाता
इटावा: बरेली बाईपास में किसानो की भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से नाराज किसानो ने निर्माण रुकवा कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों की मांग है कि पहले मुआवजा फिर उसके बाद काम होगा। मौके पर किसानों को समझाने के लिए परियोजना निदेशक से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी किसानों को समझाने के लिए जा चुके है। लेकिन नोकझोंक के अलावा कोई हल अब तक नहीं निकल सका। बीते सोमवार से इस बाईपास का निर्माण कार्य रुका हुआ है। किसान अपनी जिद पर अड़े है। चार किलोमीटर के बाईपास का कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। लेकिन इटावा से कररी पुलिया तक 27 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य जारी है।
बरेली हाईवे पर कस्बा बसरेहर पर लगने वाले जाम की समस्या निजात दिलाने के लिए बसरेहर बाजार के किनारे से 4 किलोमीटर लंबा बाईपास का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। करीब 390 से अधिक किसानों की जमीनों को अधिग्रहण कर 30 मीटर चौड़ी बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन 250 से अधिक किसानों का अभी तक मुआवजा शासन के द्वारा नहीं दिया गया। जिसकी वजह से कई किसानों ने बाईपास के निर्माण कार्य को रोक दिया है। किसानों से लगातार अधिकारी कर्मचारियों से बात करने पहुंच रहे हैं लेकिन किसानों की मांग पूरी न होने के चलते किसान अपनी जिद्द पर अड़े है।
बसरेहर थाना क्षेत्र से निकलने वाले इटावा बरेली हाईवे पर कस्बा बसरेहर का बाईपास का निर्माण कार्य किसानों ने रोक रखा है। किसानों का कहना है कि जब तक हम लोगों के खाते में अधिकरण की गई भूमि के पैसे नहीं आएंगे, तब तक काम नहीं होने देंगे। किसानों ने कहा है कि अधिकारी आते हैं और समय मांग कर कहते हैं कि इतने समय के अंदर आपके खाते में पैसा आ जाएगा और काम शुरु करा देते, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जब तक खातों में पैसा नहीं आएगा, तब तक किसी भी तरीके से बाईपास पर कोई भी काम नहीं किया।
कमला देवी, ऋषिपाल, जलदान सिंह, जंगबहादुर, मोहम्मद शरीफ, गयादीन पांडे, रामकिशोर, श्यामकिशोर, अब्दुल वाहिद नूर खान, ताज खां, छकझन खान सहित करीबन 30 से अधिक किसान मौके पर पहुंचे अधिकारियों से अपनी परेशानियों को साझा करते हुए नजर आए, तो वही अधिकारियों से नोकझोंक भी होती रही। 2 जनवरी से किसानों ने बाईपास पर काम को रुकवा रखा है। जिस कारण मिट्टी डालने वाले डंपर व अन्य निर्माण कार्य करने वाली मशीनरियों पर धूल चढ़ने लगी है।


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