ब्यूरो संवाददाता
इटावा: जिले में इटावा व भरथना नगर पालिका समेत नगर पंचायत इकदिल, बकेवर व लखना का कार्यकाल शुक्रवार को पूरा हो गया। अब तीन सदस्यीय कमेटी कामकाज देखेगी। कमेटी में डीएम, एडीएम व अधिशाषी अधिकारी शामिल होगे। 5 साल की अवधि में स्थानीय निकायों ने न सिर्फ जनता के विकास के लिए अरबों रूपये खर्च कर दिया बल्कि विभिन्न योजनाओं के अनुपालन में भी करोड़ों रुपया खर्च कर दिया। कोरोना महामारी में भी इन निकायों ने पूरी ताकत के साथ काम किया।
इसी कड़ी में इटावा नगर पालिका के बीते 5 साल के उतार-चढ़ाव को लेकर एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गयीं है। पालिका ने बीते 5 सालों में लगभग तीन अरब 23 करोड़ 81 लाख से अधिक का बजट विकास कार्यों वेतन आदि पर खर्च कर दिया। इनमें सर्वाधिक बजट 519 गलियों के निर्माण किया गया। इसके अलावा नाला निर्माण में भी 21 करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया गया। पालिका की बड़ी उपलब्धियों में एमआरएफ सेंटर का निर्माण भी शामिल है इसके अलावा चौराहा, डलाव घर, टॉयलेट, विश्रामगृह, कंपोज होज, रैन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी चीजों पर भी खर्च किया गया। वहीं दूसरी ओर स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी तकरीबन 10 करोड़ की धनराशि खर्च की गई।
जिले की नगर पालिका क्षेत्र की सबसे बड़ी कान्हा गौशाला का निर्माण एक करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से राहतपुरा क्षेत्र में कराया गया। आवश्यकताओं के विपरीत पालिका पिछले 5 साल में कोई बड़ा प्रोजेक्ट शुरू नहीं कर सकी, फिर चाहे पालिका की खुद की बिल्डिंग का निर्माण हो या फिर शहर क्षेत्र में बहुमंजिला पार्किंग की व्यवस्था और तो और इस बीते 5 साल में पालिका अपनी जमीनों पर कब्जा मुक्ति अभियान में नहीं चला सकी। शहर के मुख्य बाजार में स्थित पालिका के पुराने भवन में कई कार्यालय कि छत जर्जर हो गई है इसके बावजूद पालिका न तो अब तक अपने लिए नया भवन बना सकी है और न ही किसी नए कमर्शियल भवन का निर्माण इस 5 साल में किया गया। साफ है कि सरकारी बजट के साथ पालिका की खुद की आमदनी भी केवल जरूरतें पूरी करने में ही खर्च हो गई।

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