Etawah News: नसबंदी कैंप में नसबंदी के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
ब्यूरो संवाददाता
इटावा: सरकार की ओर से महिला एवं पुरुष नसबंदी के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी के साथ कैंप लगाकर महिलाओं की नसबंदी करने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाए गए थे। जिसमें 11 महिलाओं के रजिस्ट्रेशन हुए थे। फिलहाल 6 ही नसबंदी हो सकी और सातवीं नंबर की महिला की नसबंदी के दौरान हालत बिगड़ गई।
बसरेहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को महिला नसबंदी कैंप का आयोजन किया गया था। जिसमें करीब 11 महिलाओं की नसबंदी करने का रजिस्ट्रेशन हुआ था। जिसमें छह सफल ऑपरेशन होने के बाद सातवें नंबर पर नसबंदी के लिए पहुंची 35 वर्षीय संगीता पत्नी हरिपाल निवासी शेखपुर पचार थाना चौबिया की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद स्वास्थ केंद्र से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां उनकी हालत को गंभीर बताते हुए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेज दिया गया।
मृतक संगीता पाल की ननद राज कुमारी जोकि उसके साथ बसरेहर सीएचसी नसबंदी कैंप गई थी। उसने बताया कि 6 महिलाएं नसबंदी करवाकर बाहर निकल आईं लेकिन मेरी भाभी बहुत देर हो जाने के बाद भी बाहर नहीं आईं। तब मैंने वहां के स्टाफ से भाभी से मिलने का अनुरोध किया लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। बस कहा कि गैस पास नहीं हो रहा इनको सैफई ले जा रहे हैं। भाभी को निकालकर सैफई ले गए जबकि भाभी की मौत वहीं सीएचसी में हो गई थी।
बीएल संजय डिप्टी सीएमओ ने बताया कि सोमवार को कैंप लगाया गया था। जिसमें करीब आधा दर्जन महिलाओं की नसबंदी हो गई थी। सातवां नंबर संगीता का था लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी सैफई में मौत हो गई। पूरे मामले की जांच पड़ताल के बाद डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। वहीं महिला के देवर ने बताया कि भाभी के तीन छोटे छोटे बच्चे हैं जिसमें एक 4 माह का है। इसको दूध पिलाकर भाभी घर से निकलकर गईं थीं। लेकिन डॉक्टर की लापरवाही से उनकी मौत हो गई। सरकार से मांग है कि डॉक्टर के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
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