ब्यूरो संवाददाता
इटावा: शासन की मंशा है कि अस्पताल आने वाले मरीजों को हेल्थ एटीएम का लाभ मिले। इसी उद्देश्य से एटीएम लगाया गया है। दिसंबर में यह एटीएम लग कर तैयार हो गया था और शुक्रवार को सदर विधायक सरिता भदौरिया ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद जब उन्होंने हिमोग्लोबिन व ब्लड शुगर की जांच करानी चाही तो इस मशीन से विधायक की ही जांच नहीं हो पाई थी इस पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी। उन्होंने सीएमओ से इतना तक कहा था कि क्या जांच का सामान सस्ता मंगाया गया है।
सदर विधायक सरिता भदौरिया की जांच ना होने के मामले में अस्पताल प्रशासन ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए हेल्प डेस्क मैनेजर व हेल्प डेस्क ऑपरेटर से स्पष्टीकरण मांगा है। जबकि हकीकत यह है कि हेल्थ एटीएम तो लग गया है लेकिन इसे चलाने के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित नहीं किया गया है। हेल्थ एटीएम से मरीजों की जांच के लिए जब तक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती नहीं होगी तब तक मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा।
जिला अस्पताल में लगे हेल्थ एटीएम से 32 प्रकार की जांच होती हैं। इसमें दो जाचे सिर्फ ब्लड की है बाकी सामान्य जांचें हैं। जब दिसंबर में मशीन लग गई थी तो अभी तक स्टाफ को प्रशिक्षित क्यों नहीं किया गया। इस काम में हेल्प डेस्क स्टाफ को लगाया गया है जो हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी संभाले या हेल्थ एटीएम को संचालित करे। हेल्पडेस्क मैनेजर सगीर अहमद का कहना है कि यह काम लैब टेक्नीशियन का है इसे वह कैसे संभाल सकते हैं। मरीजों का ब्लड निकालने के लिए लैब टेक्नीशियन की व्यवस्था होनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ एमएम आर्या की भी जांच हेल्थ एटीएम से नहीं हो सकी थी। जब सीएमएस की जांच नहीं हो पाई तो फिर विधायक से हैल्थ एटीएम का उद्घाटन नहीं कराना चाहिए था। इस बात की भी चर्चा है कि जब एटीएम सही ढंग से काम नहीं कर रहा है और स्टाफ को भी प्रशिक्षित नहीं किया गया है तो फिर अभी इसका उद्घाटन नहीं कराना चाहिए था जब स्टॉफ प्रशिक्षित हो जाता तभी इसका उद्घाटन होना चाहिए था। उद्घाटन के बाद भी अभी तक दूसरे प्रिक लेन्सेट नहीं मंगाये गये है और मरीजों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच भी नहीं हो पा रही है।

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