ब्यूरो संवाददाता
इटावा/सैफई: अस्थि रोग विभाग में हड्डी के जोड़ से सम्बन्धित रोग जैसे कि गठिया रोग के परामर्श के लिए आने वाले मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। अतः अस्थि रोग विषेषज्ञ को नवीनतम् शोध एवं जोड़ों से सम्बन्धित नवीनतम् औषधियों जैसे Astaxanthin के विषय में अवगत रहना अति आवश्यक होता है। इसी क्रम में ‘‘जोड़ों से सम्बन्धित रोग की नवीनतम औषधि की भूमिका को भलि-भाँति समझने के लिए एक ‘‘सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम’’ सीएमई का भी आयोजन किया गया।
उक्त कार्यक्रम का आयोजन सैफई आर्थोपेडिक क्लब के सहयोग से अस्थि रोग विभाग, उत्तर प्रदेश चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई द्वारा सैफई क्लब,सैफई इटावा में 27 जनवरी 2023 को आयोजित किया गया। इस उत्कृष्ट कार्यक्रम में सम्मानीय डा. आर.एस.यादव (अध्यक्ष, सैफई आर्थोपेडिक क्लब) डा. एस.पी.एस. गिल (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, अस्थि रोग विभाग), डा. एस.एस.एस. परिहार (उपाध्यक्ष, सैफई आर्थोपेडिक क्लब), डा. प्रदीप कुमार गुप्ता (संयुत सचिव, सैफई आर्थोपेडिक क्लब) डा. एम.एस. पाल (संयुत सचिव, सैफई आर्थोपेडिक क्लब), अस्थि रोग विभाग के प्राध्यापक सदस्य डा. हरीष कुमार, डा.अंकित मित्तल एवं सैफई आर्थोपेडिक क्लब के गणमान्य सदस्य एवं चैयरमैन मदन हॉस्पिटल इटावा डा. विकास यादव ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को अनुगृहीत किया। उक्त सतत् चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम सी एम ई में जोड़ों से सम्बन्धित रोग में सही चिकित्सा में Astaxanthin एवम Glucosamin एवम Type II Collegen की भूमिका को संक्षेप में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। अस्थि रोग विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को डा. आर.एस.यादव एवं डा. एस.पी.एस. गिल द्वारा ज्ञान सम्पन्न किया गया।
डा. एस.पी.एस. गिल (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, अस्थि रोग विभाग) एवं डा. अजय कुमार राजपूत (सचिव, सैफई आर्थोपेडिक क्लब) के उत्कृष्ट मार्गदर्शन में उक्त कार्यक्रम को डा. ईशान अहमद (जूनियर रेजीडेन्ट), (अस्थि रोग विभाग) द्वारा भलि-भाँति प्रदर्षित किया गया। डा. एस.पी.एस. गिल के वर्षों के अनुभव एवं डा. अजय राजपूत के कार्यक्रम के प्रति जोश एवं लक्ष्य उन्मुखी शैली ने इस सफल कार्यक्रम का भलि-भाँति मार्गदर्शन किया एवं भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन के लिए नये आयाम विकसित करने का उत्कृष्ट कार्य किया। इस कार्यक्रम में अस्थि रोग विभाग के रेजीडेन्ट चिकित्सक डा. आशीष सिंघानिया (एस.पी.), डा. रविकान्त (एस.पी.), डा. सौरभ (एस.आर.), डा. वैभव (एस.आर.), डा. श्रीकान्त (एस.आर.), डा.ईश्वर (एस.आर.), डा. अतुल कुमार (जे.आर.), डा. राम (जे.आर.), डा. वयुत्पन्न (जे.आर.), डा. समन्त एवं अन्य रेजीडेन्ट्स ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Comments
Post a Comment