ब्यूरो संवाददाता
इटावा: साइबर ठगों ने सफारी रेंजर के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाया है। सफारी पार्क के रेंजर अशोक कुमार निमेष के नाम से एक ठग ने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इस व्हाट्सएप अकाउंट की प्रोफाइल पर रेंजर का नाम लिखा गया। साथ ही उनकी परिवार के साथ उनकी एक फोटो भी लगाई गई।
पीड़ित रेंजर ने बताया कि गुरुवार को इस अकाउंट से उनके जानने वाले कई लोगों को संदेश भेजे गए हैं। उनके भाई सोनू की पत्नी सुजाता को व्हाट्सएप मैसेज करके ठग ने पांच हजार रुपये मांगे। कहा कि बहुत जरूरत है। जल्द ही लौटा देंगे। इस पर उनके भाई की पत्नी ने ऑनलाइन तीन हजार रुपये भेज दिए। कहा कि अभी सिर्फ इतने ही हैं। वहीं, सफारी के ही कर्मचारी बनी सिंह को भी ठग ने निशाना बनाया। उसे भी जरूरत बताते हुए निशाना बनाया। उसने भी ऑनलाइन 2500 रुपये भेज दिए। कुछ देर बाद सुजाता का फोन पत्नी के पास गया तो उन्होंने रुपये देने वाली बात बताई। इस पर वह भौचक्क रह गईं। पत्नी ने रेंजर को फोन करके पूछा, तब ठगी का अहसास हुआ। जानकारी करने पर कर्मचारी से भी रुपये लेने की बात सामने आई।
रेंजर ने इसके बाद खुद ही व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें रुपये की जरूरत नहीं है। उनके नाम पर ठगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सिविल लाइन पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मामले पर सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कितने लोगों के साथ ठगी की गई है इसकी जानकारी जांच होने के बाद ही पता चलेगी।

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