ब्यूरो संवाददाता
इटावा/जसवंतनगर : थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम केवाला के उच्च प्राथमिक कम्पोजिट विद्यालय, केवाला विकास खण्ड जसवंतनगर में प्रधानाध्यापक के कमरे के अंदर बने स्टोर रूम में रखे एक कैरम बोर्ड के नीचे एक स्पेक्टिकल कोबरा सर्प कहीं से आकर छुप गया जिसे बाहर क्लास में पढ़ रही छात्रा रोशनी ने सबसे पहले देखा और चिल्लाकर क्लास में पढ़ा रही शिक्षिका पूजा दोहरे को बताया इसके बाद सभी बच्चे डर की वजह से अपनी अपनी सीट के ऊपर ही पैर रखकर बैठ गए, तभी सहायक अध्यापिका पूजा राठौर ने प्रधानाध्यापक हरी कुमार को सूचना दी और उस सर्प का पीछा किया जो कि जाकर प्रधानाध्यापक के कमरे के अंदर बने एक स्टोर रूम में रखे कैरम बोर्ड के नीचे जाकर छुप गया।
स्कूल में खतरनाक कोबरा सर्प के दिखाई देने की सूचना प्रधानाध्यापक ने मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर ,वन्यजीव विशेषज्ञ सर्प मित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को दी। तत्पश्चात डॉ आशीष ने स्कूल में मौके पर जाकर 20 से 25 मिनट में ही स्पेक्टिकल कोबरा सर्प को कमरे से सुरक्षित रेस्क्यू कर पूरे स्कूल स्टाफ को भय मुक्त कर दिया और बाद में उसे उसके प्राकृत वास में ले जाकर छोड़ भी दिया।
प्रधानाध्यापक हरिकुमार ने बताया कि,उस समय हमारे स्कूल में कुल पंजीकृत 99 बच्चों में से 77 बच्चे मौजूद थे उन्होंने बताया कि, हम सभी लोग काफी देर से परेशान थे क्यों कि कुछ समझ ही नहीं आ रहा था की इसे बाहर कैसे निकाला जाए स्कूल में काफी छोटे बच्चे भी मौजूद थे और जहरीले सर्प की वजह से हम सभी को बहुत डर भी लग रहा था। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी को प्राइमरी बिल्डिंग से उच्च प्राथमिक की बिल्डिंग में भेज दिया गया था। सर्प के सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद समस्त स्कूल स्टाफ सहित प्रधानाध्यापक ने वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को खतरनाक स्पेक्टिकल कोबरा सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए विशेष धन्यवाद दिया।
मौके पर मौजूद वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ आशीष त्रिपाठी ने बताया कि यह एक 4 फीट लम्बी फीमेल स्पेक्टिकल कोबरा थी जिसमे खतरनाक न्यूरोटॉक्सिक वेनम मौजूद होता है जिसका इलाज सिर्फ एंटीवेनम से ही संभव है जो कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कमरा नंबर तीन में मौजूद है। कोबरा या करैत सर्प के काटने के बाद झाड़ फूंक कराना हमेशा ही जानलेवा साबित होता है।
विदित हो कि, जनपद इटावा में सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी जनता की बहुमूल्य जान बचाने के साथ साथ अब तक हजारों वन्यजीवों को भी जीवन दान दे चुके है उनके प्रयासों से इटावा की जनता अब सर्पदंश से पूर्ण रूप से भयमुक्त हो चुकी है। विभिन्न स्कूलों में संस्था ओशन द्वारा चलाए जा रहे सर्पदंश जागरूकता अभियान का एक बड़ा असर यह हुआ है कि जानकारी से प्रेरित और जागरूक होकर ग्रामीण जनता, स्कूली बच्चे सर्पदंश के बाद कोई भी झाड़ फूंक न करवाकर सीधे ही समय से अस्पताल आकर इलाज कराने लगे है इसके साथ ही डॉ आशीष त्रिपाठी जनपद में डायल 112 और वन विभाग के साथ मिलकर सर्पों और अन्य वन्यजीवों का लगातार ही सुरक्षित रेस्क्यू भी कर रहे है।

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