ब्यूरो संवाददाता
इटावा : थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के आईटीआई चौराहे पर बने सिद्धि हॉस्पिटल में थाना बलरई क्षेत्र के ग्राम बाउथ की 35 वर्षीय महिला को उसके पति रामचंद्र ने तीसरे बच्चे की डिलेवरी के लिए आशा अर्चना देवी के कहने पर 30 जून की देर रात भर्ती करावाया था जहाँ डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला की मौत हो गई।
पति रामचंद्र ने बताया की डॉक्टर ने मेरी पत्नी भूरी देवी का ऑपरेशन करने की बात कही और कहा आपसे इस ऑपरेशन के 80 हज़ार रुपए लगेंगे साथ ही आपकी पत्नी ऑपरेशन के दौरान दो बोतल खून की आवश्यकता पड़ेगी। और पूरी जिम्मेदारी ली हम इतने में आपकी पत्नी को सही कर देंगे। जिसको लेकर हम लोग तैयार हो गए और हॉस्पिटल में 2 बोतल खून और 40 हज़ार रुपए नगद जमा करा दिए। जिसके बाद डॉक्टरों ने मेरी पत्नी का लापरवाही से ऑप्रेशन कर दिया। यहां के डॉक्टरों के ऑपरेशन के बाद मेरी पत्नी की हालत बिगड़ गई। 1 जुलाई की रात 10:00 बजे मुझसे कहा आपको अपनी पत्नी भूरी को आगरा के हॉस्पिटल में ले जाइए यहां उनका इलाज नहीं हो पाएगा। आगरा में इधर उधर जाते जाते मेरी पत्नी की मौत हो गई जिसके बाद हम लोग अपनी पत्नी को वापस इसी हॉस्पिटल में वापस लेकर आए तो यहां के डॉक्टर ने कोई बात नही सुनी। तभी यहां का स्टाफ और डॉक्टर मौके से फरार हो गए। जिसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।जिसके बाद पुलिस को सूचना हुई तब थाना फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस और डिप्टी सीएमओ मौके पर पहुंचे। और पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर मामले पर जांच पड़ताल शुरू कर दी।
डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव ने भी मामले को गंभीरता से लेने की बात कही, और बताया सिद्धि हॉस्पिटल हमारे यहां पंजीकृत है डॉ अनूप शर्मा जो की यहां के सर्जन है उन्ही के द्वारा इस मरीज का ऑपरेशन किया गया था। इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाएगी और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया हम लोग बीच-बीच में निजी हॉस्पिटलों में जांच के लिए जाते रहते हैं जो हॉस्पिटल पंजिकृत नहीं है और जिनमे जो भी त्रुटियां पाई जाती हैं उन पर वैधानिक कार्यवाही भी की जाती है। हम लोग ऐसे हॉस्पिटलों पर भी कार्रवाई कर रहे हैं जो अन्य डॉक्टरों के नाम से हॉस्पिटल पंजीकृत करा लेते हैं जिन हॉस्पिटलों में पंजीकृत डॉक्टर नहीं पाए जाते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
उक्त घटना के सम्बन्ध में हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ से संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन हॉस्पिटल का पक्ष नहीं मिल सका, उनके डॉक्टर और स्टाफ घटना के बाद से फरार है।


Comments
Post a Comment