ब्यूरो संवाददाता
इटावा : भारत सरकार के पूर्व सचिव,इटावा फाउंडेशन एवम रघुनाथ फाउंडेशन के संस्थापक डॉ विश्वपति त्रिवेदी ने अपने पूर्वजों की स्मृति में शास्त्री चौराहा स्थित अपने निज निवास पर 26वें विशाल भंडारे का आयोजन पितृ अमावस्या के अवसर पर सम्पन्न कराया।
इस अवसर पर आयोजित इटावा फाउंडेशन के सम्मान समारोह कार्यक्रम में डॉ विश्वपति त्रिवेदी ने सदर विधायक सरिता भदौरिया को अपनी मां (क्रांति त्रिवेदी) द्वारा लिखित हेमचंद्र विक्रमादित्य 'अनोखा आरोही' की प्रतिलिपि भी भेंट की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए साहित्यकार डॉ कुश चतुर्वेदी ने महिला साहित्यकार क्रांति त्रिवेदी के उत्कृष्ट लेखन कार्यों का स्मरण करते हुए बताया कि, वे जनपद की पहली व एकमात्र महिला साहित्यकार थी जिनके नाम पर भारत सरकार द्वारा 'डाक टिकट' जारी किया जा चुका है, जो कि हम सबके को गौरवान्वित करने वाली बात है। कार्यक्रम में पधारी सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से पुरस्कृत क्रांति त्रिवेदी द्वारा रचित सशक्त सामाजिक उपन्यास जिनमें महिलाओं की समस्याओं को अत्यंत मार्मिक ढंग से उठाया गया है वह बहुत ही सराहनीय है। इसीलिए जनपद में उनकी स्मृति में एक विशेष द्वार का निर्माण भी करवाया जाएगा जो जिले में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक चिन्ह बनेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सांसद सुखदा मिश्रा ने भी महिला साहित्यकार क्रांति त्रिवेदी के साथ बताए हुए अविस्मरणीय पलों को याद किया। उक्त कार्यक्रम के अंत में 8 वर्षीय कौस्तुभ मिश्र ने कंठस्थ शिव तांडव स्त्रोत सुनकर सभी को मंत्र मुग्ध किया । इटावा फाउंडेशन व सदर विधायक सरिता भदौरिया द्वारा उसे नटराज की मूर्ति देकर सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष फुरकान अहमद, संजीव अग्रवाल, आशुतोष त्रिवेदी, सुभाष त्रिपाठी, संतोष पाठक,अतुल वीएन चतुर्वेदी,सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी, हरि प्रकाश शुक्ला, अशोक शर्मा,ओम प्रकाश मिश्रा, देवेंद्र तिवारी,मेधावसु पाठक,अरविंद, प्रीती पाण्डेय, वंदना दुबे आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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